Personality development tips in hindi व्यक्तित्व विकास के लिए टिप्स हिंदी में

इस  लेख में Personality development tips में खास 10 tips के बारे में बताने का भरपूर प्रयास किया है इस सम्बन्ध में हमने हर वह tips को कवर किया है  जो खास व्यक्तित्व विकास के लिए अहम भूमिका निभाते है जिसका सम्पूर्ण विश्लेष्ण हमने आपको सरल शब्दों में समझाने का प्रयास किया है-

व्यक्तित्व विकास के लिए टिप्स

व्यक्तित्व विकास कि सरल परिभाषा क्या है ?

(what is the simple definition of personality development ?)

व्यक्ति के आचरण -व्यवहार, शिक्षा, योग्यता, शालीनता, पहनावा, उदारता, त्याग, क्षमा, बोद्धिकता जैसे तत्वों को  अपनाकर जो अपनी छवि को औरो से अलग प्रस्तुत करता है इसे ही व्यक्तित्व विकास कहा जाता है!

इसके साथ ही साथ जिन्दगी के प्रत्येक क्षेत्र में यदि आप किसी को भी प्रभावित करना चाहते है तो आपको बेहतर प्रदर्शन करना होंगा इसके लिए आपको किसी को भी आकर्षित करने का हुनर आना चाहिए! यह तभी हो सकता है जब आप के अन्दर श्रेष्ठ गुणो का समावेश हो अब हम आपको बताते है कि वह गुण या टिप्स कौन से है-

1. संतुलित एवं सुन्दर शारीर-(Balanced and beautiful body)

संतुलित शरीर से व्यक्ति कि पहचान होती है  जिससे व्यक्ति के हाव-भाव, चाल- चलन, उठने – बैठने एवं कार्य करने कि क्रिया  का पता चलता है इसलिए शरीर हमेशा उर्जावान होना चाहिए तथा थकावट एवं आलस्य जैसे अवगुण नहीं होना चाहियें!

इसके बाद आपको शरीर कि बनावट पर विशेष ध्यान देना चाहियें  इसका मतलब यह नहीं है कि आप जिम जाकर सिक्स पैक बनाये अपितु न अधिक मोटा न अधिक दुबला होना चाहियें आप नियमित संंतुलित आहार लेकर एवं नियमित व्ययाम करके संतुलित शरीर का विकास कर सकते है!

सुन्दरता किसी को भी आकर्षित करने का केंद्र होती है इसमें शरीर के काले एवं गौरे  रंग का महत्व नहीं होता है इसके लिए आपको शरीर के नाजुक अंंगो जैसे आँख,बाल, नाख़ून, त्वचा आदि का विशेष ध्यान रखना होता है!

इसके पश्चात साफ़- स्वच्छ comfortable एवं फैशन के अनुसार कपडे पहने लेकिन फैशन कि आड़ में फटे हुए एवं बेशर्मी वाले  कपड़ो से परहेज करे क्युकी इससे आपका व्यक्तित्व निचा होता है!

2 . उत्तम विचार-(Best Idea)

Personality development के लिए विचारो का अहम् योगदान होता है विचारो से ताक़तवर कोई हथियार नहीं है विचारो कि वजह से ही व्यक्ति को नयी दिशा मिलती है और यह कुछ भी करवा सकती है!

अच्छे वातावरण में रहने से, अच्छी किताबे पढने से, खुली जगह में वायु का सेवन करते रहने से सरलता से ही हमारे मन को अच्छे परिणाम मिलते है और वे परिणाम ही हमारे विचारो का निर्माण करते है!

इसके अलावा आपका विद्यालय उत्तम हो, जिससे आपको उत्तम शिक्षा मिलेंगी और आप में उत्तम विचारो का समावेश होंगा!

3. आत्मविश्वास का होना-(Being confident)

यदि आपके के अन्दर किसी काम में पूर्ण योग्यता होने के बावजूद भी उस काम को करने से इंंकार कर देते है या आप को किसी विषय का पर्याप्त ज्ञान होने के बाद भी उसे किसी के सामने व्यक्त नहीं कर पाते तो इसका प्रमुख कारण आत्मविश्वास कि कमी!

इसलिए आत्मविश्वास हासिल करने के लिए अपने गुण अवगुण का विश्लेष्ण कर अपने व्यक्तित्व के अन्दर मौजूद कमियों को दूर करना चाहियें इसके अलावा यदि आप अधिक शर्मीले है, हिन भावना से ग्रस्त है, अभिमानी है या आप में किसी का भय है तो आपको इन कमियों को जल्द से जल्द दूर करना चाहिये!  

जबकि किसी इन्सान के अन्दर मौजूद गुणो से ही उसका व्यक्तित्व बनता है इसमें आत्मविश्वास बहुत ही आवश्यक है युवा पीढ़ी में इस गुण का होना बहुत जरुरी है क्युकी उनका भविष्य सामने होता है अत; आत्मविश्वास बडाने के लिए आपके भीतर आत्मसम्मान, प्रतियोगिता में भाग लेना जैसे गुणो का समावेश होना चाहियें जो  के Personality development के लिए बेहतर है!

4. विनम्रता अपनाये-(Adopt humility)

आपकी वाणी में मधुरता का स्वर होना चाहियें जिससे आप अनगिनत दोस्त बना सकते है इसके ठीक उल्टा अनगिनत दुश्मन भी इसलिए आप कभी भी अपनी शिक्षा, प्रतिभा, योग्यता को ओढ़ते हुए किसी से बात न करे!

अपितु ऐसे बने कि हर कोई आप से मिलने कि एवंं बात करने कि चाह रखे इसके साथ ही साथ अपने गुस्से पर काबू रखे और किसी कमजोर व्यक्ति का मजाक ना बनाये मजाक उसी का उड़ाने में मजा है जो अपने को आप से ज्यादा ताक़तवर समझता है इसी गुण से व्यक्तित्व विकास में इजाफा होता है!

5. बातचीत कि कला-(The art of conversation)

आप किसी साधारण व्यक्ति से बात कर रहे हो या किसी पोस्ट ग्रेजुएट व्यक्ति से आपको बातचीत के दौरान बार-बार आँखे मटकाना,शर्माना, अटकना एवं मुख मुद्रा बिगाड़ने से बचना चाहियें तथा बॉडी लैंग्वेज का उपयोग कर नेत्र सम्पर्क बनाये रखे!

 बातचीत के वक़्त आपकी एक निश्छल, मनमोहक, प्यारी मुस्कान किसी भी व्यक्ति पर विशेष प्रभाव डालती है लेकिन आपकी यह मुस्कान नकली या बनावटी ना लगे यह नेचुरल रूप से शरीर  के अन्दर से आना चाहियें आपकी एक मुस्कान सामने वाले व्यक्ति के अन्दर आपकी सैकड़ो तारीफे बयान करती है इसलिए आप मुस्कुराने का प्रयत्न कीजिये!

इसके अलावा आप अपनी ज़िन्दगी में बहुत से लोगो से मिलते है और कुछ  दिन बाद भूल जाते है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो दिल पर गहरी छाप छोड़ जाते है इसे रचनात्मकता कहते है आप शायरी, लघु कथा , घटना, दुर्घटना, कहावत आदि से अपनी बातचीत में रचनात्मकता शामिल  कर बेहतर प्रभाव डाल सकते है!

6.सुनना एवं कम बोलना सीखे-(Learn to listen and speak less)

यह वास्तविकता हमारी जिंदगी से करीब- करीब समाप्त हो गयी है, आज हम किसी व्यक्ति कि बात कम सुनते है एवं ज्यादा बोलते है     अगर आप किसी से बात कर रहे हो तो उसकी बातो पर पूरा फोकस करे और जिस विषय पर चर्चा हो रही है उस से सम्बन्धित अगर आपके मन में कुछ प्रश्न हो तो अवश्य  पूछे ! 

 वार्तालाप के दोरान आप  बिच में दखल ना दे और ना ही रुकावट बने समझदारी से बात करे एवं  बिच- बिच में आप अपना सीर हिलाए  या जी या हा अवश्य कहे जिससे सामने वाले व्यक्ति को यह महसूस होंगा कि आप उस व्यक्ति कि बात को गंंभीरता से सुन एवं समझ रहे है

 हालाकि आप जितना हो सके चुप रहे क्युकी ज्यादा बोलने और खुद कि तारीफ करने वाले व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता है  आप एक पढ़ा- लिखा समझदार व्यक्ति बनिए जो जरुरत के वक़्त अपनी बात को व्यक्त करता है!

चुप रहने वाले व्यक्ति या कम बोलने वाले व्यक्ति से हमेशा लोग बातचीत करने के लिए उत्सुक रहते है और इसी वजह से  कोई भी व्यक्ति बेहद आकर्षित होकर उस व्यक्ति के बारे में जानना चाहता है जो  व्यक्तित्व विकास के लिए एक अच्छा गुण है!

7.माफ़ करना एवं माफ़ी माँगना सीखे-(Learn to forgive and apologize)

अगर आप को कोई अपमानित करता है, अपशब्द कहता है, बुरा व्यवहार करता है तो आपके मन में उस व्यक्ति के के लिए नफरत पैदा हो जाती है ऐसा होना भी नेचुरल है!

लेकिन कुछ समय बाद उसको अपनी गलती का एहसास होता है फिर वह आप से माफ़ी मांगने आता है तो आप उससे मुह मत मोड़िये और उसे तुरंत माफ़ कर दीजिये!

क्युकी वही व्यक्ति माफ़ करता है जो अपने तन- मन से घ्रणा,बुराई, क्लेश को दूर करना चाहता है अपने दिल को पवित्र करना चाहता है इसके ठीक उल्टा यदि आप से कोई गलती हो जाये तो आप माफ़ी मांगने से पीछे मत हटिये  क्युकी जिसमे  सिखने कि असीमित क्षमताये होती है वही व्यक्ति माफ़ी मागता  है और माफ़ी मांगने से आपके अन्दर एक नयी ऊर्जा  का निर्माण  होता है जो  सर्वोत्तम व्यक्तित्व विकास के लिए अहम है!

8. सकारात्मक नजरिया-(Positive outlook)

कारात्मक नजरिये  से आशय यह है कि जीवन में अपने कर्तव्यो, निर्णयों,संकटो,उलझनों, रूकावटो, संघर्षो, दैनिक-व्यवहारों तथा अन्य किसी भी कार्यो में कामयाब होने के लिए आपका नजरिया  सकारात्मक होना चाहियें!

अगर आप निराशा से आशा प्राप्त करने के लिए आगे कि और बड़ते है तथा ज़िन्दगी कि समस्याओ से विचलित ना हो कर समस्याओ का समाधान करते है, हर बुराई में  अच्छाई कि तलाश करते है तो आपका नजरिया सकारात्मक है इसके ठीक उल्टा अगर  जायेंगे  तो आप  नकारात्मक नजरिये का शिकार होंगे  

जो आप के वर्तमान  एवं भविष्य के लिए खतरनाक है नजरिया बुरा होने पर आपको सिर्फ कुछ समय के लिए खुशी मिलती है तथा लम्बी ख़ुशी के लिए आपको सकारात्मक नजरिया विकसित करना होंगा जिससे आप लम्बे समय तक खुद को खुश रख सकेंगे और यही ख़ुशी आपके  Personality development में निखार लायेंगी!

9. सीखना बंद तो जितना बंद-ं(Stop learning then stop winning)

आपने सुपर स्टार अमिताभ बच्चन जी के शो कौन बनेगा करोड़पति में सुना होंगा कि सीखना बंंद तो जितना बंंद  ऐसा इसलिए कहा गया है क्युकी सीखता वही है जिसमे जितने कि उमंंग होती है तथा जिसका दिल जवान होता है!

जबकि सिखने कि कोई उम्र नहीं होती है सीखना कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है इसलिए सिखने के दौरान गलतिया ना करे एवं दुसरो कि गलतियों से सीखे और अपनी गलतियोंमें सुधार करे!

इसके साथ-साथ लगातार सिखने कि अनवरत कला से ही आप नए-नए लोगो से मिलते है, नयी-नयी जानकारिया हासिल करते है और इसी कला से आपका व्यक्तित्व विकास होता है!

10. कार्य में योग्यता-(Work ability)

अपनी रूचि एवं योग्यता के अनुसार एक निश्चित विषय या क्षेत्र का चुनाव कर उस पर अडिग रहे और आगे बड़ने  का पूरा प्रयास करे जिस विषय को आपने चुना है सबसे पहले उसमे गहराई तक जाये उसके बारे में जितना ज्यादा ज्ञान आप प्राप्त कर सकते है करे!

इससे हकीकत में यह होंगा कि मान लीजिये अगर आपसे किसी ने आप के कार्य से सम्बंधित कुछ सवाल किये लेकिन आप उन सवालों का जवाब सही ढंंग से नहीं दे पाए तो इससे आपका व्यक्तित्व  low होंगा!      

अत:आप अपने काम में होनहार बनिए इसके अलावा आपको  देश-विदेश के बारे में मनोरंजक एवं ज्ञान पूर्ण जानकारी रखना अन्य लोगो के मध्य आपको लोकप्रिय बनाता है!

निष्कर्ष-(Conclusion)

इस लेख में  हमने आपको जीरो लेवल से लेकर हाई लेवल तक में आने वाले  हर वह खास टिप्स बताया  है जिससे आप अपनी कमियों को आसानी से दूर कर सकते है

यदि आपने अपने जीवन में यह खास टिप्स नियमित आधार से अपनी दिनचर्या में उतार लिए तो यक़ीनन आप खास Personality development के धनी बन जायेंगे! 

आशा करते है कि आपको यह लेख Personality development tips in hindi  व्यक्तित्व विकास के लिए टिप्स हिंदी में बेहद पसंदआया होंगा  

यदि आपको यह लेख पसंद आया है तो आप इसे facebook,twitter, instagram, linkedin, telegram जैसे social media a/c पर share करना ना भूले और comment करके अपनी राय जरुर दे!

Leave a Reply